Rajasthan Police ने तोड़ा बड़ा Crypto-Forex Scam, 4.5 लाख लोग हुए फंस, ₹3,500 करोड़ का जाल पकड़ाया!

Rajasthan Police ने एक बड़े पैमाने पर चल रहे धोखाधड़ी के निवेश नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो क्रिप्टो और फॉरेक्स ट्रेडिंग का झांसा देकर लोगों को फँसाता था। इस गिरोह ने देशभर के लगभग 4.5 लाख लोगों को आकर्षित किया और ₹3,500 करोड़ का निवेश कराने में सफल रहा। पुलिस ने इस कार्रवाई में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन मामला अभी भी गहराई से जटिल है। इस घोटाले में लोगों से करोड़ों रुपये का फर्जी वादा किया गया था और कई निवेशक अब भारी नुकसान झेल रहे हैं।
जयपुर से संचालित हुआ नेटवर्क, रूस में होने का दावा
जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने बताया कि यह मामला तब उजागर हुआ जब मथुरा गेट थाना में XPO.com नामक वेबसाइट और मोबाइल ऐप के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई। इस वेबसाइट ने दावा किया कि यह 2016 से रूस में संचालित है, लेकिन जांच में पता चला कि यह नवम्बर 2022 से जयपुर से ही ऑपरेट हो रही थी। इस नेटवर्क ने निवेशकों से ₹3,500 करोड़ जुटाए और लगभग ₹1,000 करोड़ के रिटर्न का वादा किया, लेकिन अब लगभग ₹2,500 करोड़ फंस चुके हैं। मुख्य आरोपी संदीप सिगर और रजत शर्मा इस घोटाले में शामिल पाए गए हैं। इसके अलावा यह गिरोह Digix.com नामक एक और फर्जी वेबसाइट चलाता था, जिससे निवेशकों को ₹500 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ।
निवेशकों को लुभाने के लिए सेमिनार का सहारा
घोटालेबाज पूरे देश में सेमिनार आयोजित कर निवेशकों को लुभाते थे। इन सेमिनारों में एजेंट, जैसे भरतपुर के राकेश कुमार शर्मा, निवेशकों को 15 से 20 प्रतिशत मासिक रिटर्न का वादा करते थे। शुरुआत में वे 1-2 प्रतिशत तेज रिटर्न का वादा करके लोगों का विश्वास जीतते थे। पुलिस ने बताया कि कई लालची निवेशकों ने बैंक से कर्ज लेकर बड़े पैमाने पर निवेश किया। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से ₹40 लाख नकद, सोना-चांदी के आभूषण, पांच लग्ज़री कारें और ₹40 लाख की क्रिप्टोकरेंसी बरामद की।
भारत के सबसे बड़े निवेश घोटालों में से एक का खुलासा
इस कार्रवाई ने देश में चल रहे सबसे बड़े निवेश घोटालों में से एक का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कहा कि यह गिरोह फर्जी वेबसाइट और ऐप के जरिए निवेशकों को झांसा देकर भारी रकम हड़पता था। जांच अब भी जारी है और अधिकारियों का कहना है कि अन्य आरोपी भी इसमें शामिल हो सकते हैं। निवेशकों को सतर्क रहने और केवल वैध प्लेटफॉर्म पर ही निवेश करने की सलाह दी गई है। इस मामले ने यह स्पष्ट कर दिया कि क्रिप्टो और फॉरेक्स ट्रेडिंग में धोखाधड़ी के कई नए तरीके अपनाए जा रहे हैं और निवेशकों को सावधानी बरतनी होगी।






