राजस्थान

Rajasthan: इंटरिम बेल पर बाहर आया गैंगस्टर सागर अचानक गायब—क्या किसी ने दी अंदर से मदद?

Rajasthan: जयपुर में कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोडारा गिरोह से जुड़े दीपेंद्र सिंह उर्फ़ सागर के अंतरिम जमानत से फरार होने का मामला सामने आया है। पांच दिन की अंतरिम जमानत पर बाहर आया सागर नकली जमानतदारों के सहारे जेल से बाहर निकला और वापस न लौटकर फरार हो गया। पुलिस ने उस पर ₹25,000 का इनाम घोषित किया है। प्रदेशभर में हत्या समेत 15 संगीन आपराधिक मुकदमों में वांछित इस अपराधी को पकड़ने के लिए कई जिलों में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। जयपुर डीसीपी (पश्चिम) हनुमान प्रसाद मीणा के अनुसार सागर मूल रूप से अजितगढ़, सीकर का निवासी है और उसकी गिरफ्तारी पर सूचना देने वाले को इनाम दिया जाएगा।

दोहरे हत्याकांड का आरोपी, तीन साल से जेल में बंद था सागर

दीपेंद्र उर्फ़ सागर का अपराध इतिहास बेहद खतरनाक रहा है। वर्ष 2019 में हरमाड़ा क्षेत्र में महावीर मीणा की हत्या के आरोप में उसे जेल भेजा गया था। करीब दो साल बाद जमानत पर छूटते ही उसने कार्डधनी क्षेत्र में विजेंद्र गुलाबबाड़ी की हत्या कर दी। इस दोहरे हत्याकांड के बाद वह लगातार तीन साल तक जेल में बंद रहा। ताज़ा जानकारी के अनुसार, विजेंद्र गुलाबबाड़ी के पिता ने पुलिस को रिपोर्ट दी कि तीन दिन पहले एक नकाबपोश युवक उनके घर के बाहर आया और कॉलर पकड़कर बोला— “पहचाना? मैं सागर के जेल से बाहर आने पर आया हूं। तीन दिनों में 25 लाख रुपए दे देना, वरना तुम्हारे छोटे बेटे को भी नहीं छोड़ेंगे।” इस धमकी के बाद परिजन दहशत में हैं और पुलिस चौकन्नी हो गई है।

Rajasthan: इंटरिम बेल पर बाहर आया गैंगस्टर सागर अचानक गायब—क्या किसी ने दी अंदर से मदद?

जेल में रहते हुए भी बना रखी थी गैंगस्टर रोहित गोडारा से कड़ी संपर्क

सूत्रों के अनुसार, अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद रहने के बावजूद सागर लगातार विदेश में बैठे गैंगस्टर रोहित गोडारा के संपर्क में था। इस तथ्य की पुष्टि उसके साथी ओम सिंह ने पूछताछ में की। जनवरी में सागर ने जेल से ही ओम को कॉल कर सिग्नल ऐप डाउनलोड करवाया, ताकि गोडारा से सुरक्षित माध्यम से बात हो सके। सितंबर माह में गोडारा ने ओम सिंह के जरिये हवाला के माध्यम से ₹25 लाख भेजे। इसके बाद ओम को 2 अक्टूबर को दुबई भेजा गया और वह 6 दिन बाद लौट आया। ओम सिंह इस समय कुचामन के रमेेश रुलानिया हत्याकांड में भी पुलिस रडार पर है। इन खुलासों से साफ है कि जेल में बैठकर भी सागर अपराध जगत में सक्रिय था।

नकली जमानतदार के सहारे मिली अंतरिम जमानत, अब कई राज्यों में छापेमारी

सागर ने अंतरिम जमानत के लिए अदालत में यह आधार दिया कि घर में भाई की शादी है और घर में कोई बड़ा पुरुष नहीं है, इसलिए उसे पांच दिन की जमानत दी जाए। अदालत ने मानवीय आधार पर उसे 30 नवंबर से 5 दिन की जमानत दे दी। लेकिन जब 4 दिसंबर शाम 5 बजे तक वह जेल में हाजिर नहीं हुआ, तो जेल प्रशासन ने तुरंत कोर्ट को रिपोर्ट भेजी। बाद में जब जमानतदारों की जांच की गई तो खुलासा हुआ कि कोतवाली निवासी बताए गए जमानतदार रमेश्वर ठठेरा का पता ही नकली है। इसके बाद पुलिस ने राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और बॉर्डर एरिया में सर्च अभियान शुरू कर दिया है। फिलहाल सागर की लोकेशन का कोई सुराग नहीं मिला है और पुलिस उसे पकड़ने के लिए पूरे तंत्र के साथ जुटी हुई है।

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