राजस्थान

Rajasthan: बेटे की शादी से चार दिन पहले BSF ASI की दर्दनाक मौत, पॉसाना टोल प्लाज़ा पर बस की चपेट में आए

Rajasthan: रविवार को राजस्थान के झुंझुनू जिले के पॉसाना टोल प्लाज़ा पर एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। सीमा सुरक्षा बल (BSF) के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) मनोज भार्गव, निवासी भोड़की, एक रोडवेज बस की चपेट में आकर मौके पर ही मौत के शिकार हो गए। यह दुर्घटना इतनी भयावह थी कि परिवार, जो चार दिन बाद उनके छोटे बेटे विजय की शादी की खुशियाँ मनाने वाला था, मातम में बदल गया। मनोज भार्गव इस समय छुट्टी पर थे और शादी की तैयारियों में पूरे मन से लगे हुए थे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, और खुशियों का माहौल कुछ ही पलों में मातम में बदल गया।

CCTV में कैद हुआ दर्दनाक हादसा

मिली जानकारी के अनुसार, 30 नवंबर की दोपहर करीब 3 बजे मनोज भार्गव आभूषण खरीदने के लिए जा रहे थे। पॉसाना टोल प्लाज़ा पर वे एक रोडवेज बस में चढ़ने का प्रयास कर रहे थे। जैसे ही बस आगे बढ़ी, मनोज का संतुलन बिगड़ गया और वे फिसलकर बस के नीचे आ गए। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। हादसे का पूरा दृश्य टोल प्लाज़ा पर लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गया, जिसमें साफ दिखाई देता है कि किस तरह एक पल की चूक ने उनकी जान ले ली। हादसे के बाद उनके बेटे सुनील भार्गव ने बस चालक के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है।

Rajasthan: बेटे की शादी से चार दिन पहले BSF ASI की दर्दनाक मौत, पॉसाना टोल प्लाज़ा पर बस की चपेट में आए

शादी से पहले घर में मचा कोहराम

मनोज भार्गव BSF में ASI के पद पर तैनात थे और बेटे की शादी के लिए छुट्टी लेकर घर आए थे। परिवार उत्साह से तैयारियों में लगा था—मेहमानों की सूची, घर की सजावट और खरीदारी… सब कुछ चल रहा था। लेकिन अचानक आई इस दुखद खबर ने पूरे परिवार को तोड़ दिया। भोड़की गाँव में शोक की लहर दौड़ गई। रिश्तेदार, पड़ोसी और परिचित घर पहुँचने लगे, लेकिन परिवार के आंसू थम नहीं रहे थे। जिस घर में चार दिन बाद शहनाई बजनी थी, वहाँ मातम का माहौल छा गया। बेटे की शादी से पहले पिता का यूँ अचानक चले जाना पूरे परिवार के लिए असहनीय दर्द बन गया।

तिरंगा यात्रा में अंतिम विदाई

सोमवार को मनोज भार्गव के पार्थिव शरीर को गाँव लाया गया। BSF के सम्मान के साथ उनके लिए एक तिरंगा यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों, रिश्तेदारों और साथी जवानों ने भाग लिया। लोगों ने नम आँखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। पूरे गाँव में गम का माहौल था। अंतिम संस्कार के समय हर कोई भावुक था—क्योंकि जिसने पूरी जिंदगी देश की सेवा के लिए समर्पित कर दी, उसे अपने ही परिवार की खुशियाँ देखने का अवसर नहीं मिल पाया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button