Kota Python Attack: कोटा थर्मल प्लांट में खौफ! झाड़ियों से निकला विशाल पाइथन, कर्मचारी पर जानलेवा हमला

Kota Python Attack: राजस्थान के कोटा थर्मल पावर प्लांट में सोमवार शाम एक खौफनाक घटना सामने आई जिसने कर्मचारियों और मजदूरों में दहशत फैला दी। प्लांट में कार्यरत कर्मचारी नंद सिंह अचानक एक विशालकाय अजगर के हमले का शिकार हो गए। वह अपनी रोजमर्रा की ड्यूटी में व्यस्त थे और उन्हें बिल्कुल अंदाज़ा नहीं था कि झाड़ियों के पास खड़ा होना उनकी जान पर बन आएगा। जैसे ही अजगर झाड़ियों से निकलकर उनके ऊपर लपका, नंद सिंह जोर-जोर से चिल्लाते हुए मदद मांगने लगे। उनकी चीखें सुनकर प्लांट के दूसरे कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्हें बचाने की कोशिश में जुट गए।
कर्मचारियों की बहादुरी से बची जान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अजगर अचानक नंद सिंह पर झपटा और अपनी मजबूत देह से उन्हें जकड़ने लगा। स्थिति हर गुजरते सेकंड के साथ बिगड़ती जा रही थी। यदि थोड़ी और देर हो जाती, तो घटना बेहद गंभीर रूप ले सकती थी। कर्मचारियों ने डंडों और सामूहिक प्रयास से अजगर को नंद सिंह से अलग करने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद वे अजगर की पकड़ ढीली कराने में सफल रहे। इस दौरान नंद सिंह बुरी तरह सहम गए थे और लगातार मदद की गुहार लगा रहे थे। घटना के बाद उन्हें चिकित्सकीय देखभाल दी गई और फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

लापरवाही के आरोप, कर्मचारियों में आक्रोश
घटना के तुरंत बाद कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि प्लांट प्रशासन को तुरंत सूचना दे दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद किसी अधिकारी ने न तो पुलिस को खबर की और न ही वन विभाग को बुलाया गया। यहां तक कि कोई सुरक्षा गार्ड भी मौके पर नहीं पहुंचा। इस उपेक्षा से कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि प्लांट परिसर में बड़ी मात्रा में झाड़-झंखाड़ और असुरक्षित स्थान बने हुए हैं, जहां अक्सर जंगली जानवर दिखाई देते हैं, मगर प्रशासन इनकी सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर बिल्कुल ध्यान नहीं देता। यह घटना प्रशासन की गंभीर लापरवाही का बड़ा उदाहरण है।
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ी चिंता, सुरक्षा पर उठे सवाल
अजगर हमले का वीडियो कर्मचारियों द्वारा मोबाइल पर रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके बाद प्लांट के अंदर डर और चिंता का माहौल और बढ़ गया है। वीडियो में साफ दिखाई देता है कि अजगर किस तरह कर्मचारी को अपनी जकड़ में कसकर लपेटे हुए था और बाकी कर्मचारी उसे छुड़ाने की कोशिश कर रहे थे। घटना के बाद कर्मचारी bushes की सफाई, सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और वन विभाग द्वारा नियमित निरीक्षण की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते कदम नहीं उठाता, तो भविष्य में ऐसे हादसे और ज्यादा खतरनाक साबित हो सकते हैं। इस घटना ने पावर प्लांट की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना बढ़ा दी है।






