राजस्थान

Jodhpur News: जोधपुर में रातों-रात बड़ा धमाका! 50,000 के इनामी का गिरफ़्तार होना कैसे टला बड़ा क्राइम?

Jodhpur News: जोधपुर शहर में अपराध पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत महमांडिर थाना पुलिस ने शुक्रवार देर रात (5 दिसंबर) एक बड़ी सफलता हासिल की। पुलिस ने दो शातिर अपराधियों को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार कर एक बड़ी वारदात को होने से रोक दिया। पुलिस आयुक्त ओम प्रकाश पसवान ने बताया कि गिरफ्तार किए गए अपराधियों में से एक, नरेश वाल्मीकि, उदयपुर का रहने वाला है और उस पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित था। उसका साथी अमन वाल्मीकि, जैसलमेर का निवासी है और वह भी कई मामलों में वांछित चल रहा था। पुलिस की इस कार्रवाई ने न केवल शहर में सुरक्षा का संदेश दिया, बल्कि इन अपराधियों के नेटवर्क का भंडाफोड़ भी शुरू कर दिया है।

श्मशान घाट में छिपकर बना रहे थे हत्या की साजिश

पुलिस को सूचना मिली थी कि जोधपुर के भादवड़िया क्षेत्र के श्मशान घाट में कुछ युवक पिछले कई दिनों से संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त हैं। सूचना के आधार पर महमांडिर थाना पुलिस ने देर रात श्मशान घाट पर छापेमारी की। पुलिस को देखते ही वहां मौजूद दो युवक भागने लगे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने तुरंत घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में पता चला कि ये दोनों अपराधी पुलिस से बचने के लिए श्मशान घाट में छिपे हुए थे और उदयपुर के एक युवक की हत्या की योजना बना रहे थे। इन अपराधियों के पास से तीन अवैध पिस्तौल, दो कारतूस और एक लग्जरी कार भी बरामद की गई, जिसके बारे में संदेह है कि इसे भी आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किया जाता था।

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नरेश के खिलाफ 37 मुकदमे, कई जिलों में फैला अपराध साम्राज्य

गिरफ्तार किए गए नरेश वाल्मीकि का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद भयावह है। उसके खिलाफ 37 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें 6 से 7 हत्या के मामले (धारा 302) भी शामिल हैं। उदयपुर रेंज के आईजी द्वारा उसकी गिरफ्तारी पर इनाम घोषित किया गया था। नरेश लंबे समय से फरार चल रहा था और राजस्थान के कई जिलों में अपनी गैंग के साथ सक्रिय था। वहीं उसका साथी अमन भी अवैध हथियार, लूट और हमले जैसे कई मामलों में वांछित है। पुलिस का मानना है कि ये दोनों मिलकर एक बड़े अपराधी गिरोह के सदस्य हैं और हाल ही में जोधपुर में भी सक्रिय होने की कोशिश कर रहे थे। बरामद लग्जरी कार और हथियारों से यह साफ है कि इनका अपराध नेटवर्क संगठित और व्यापक था।

पुलिसकर्मियों की सतर्कता से टली बड़ी वारदात, जांच तेज

इस पूरी कार्रवाई में महमांडिर थाना पुलिस के प्रह्लाद और रतन नामक दो जवानों की भूमिका अहम रही। दोनों ने मौके पर तुरंत प्रतिक्रिया दिखाते हुए अपराधियों को भागने से रोका और उन्हें धर दबोचा। पुलिस अधिकारियों ने दोनों जवानों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सजगता से एक बड़ा अपराध होने से बच गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अपराधी किस युवक की हत्या की साजिश रच रहे थे, हथियार और लग्जरी कार उन्हें कहाँ से मिली, उनके पीछे कौन–कौन से गैंग सक्रिय हैं और जोधपुर में उनका नेटवर्क कितना फैला है। पुलिस का मानना है कि आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े और भी नाम सामने आ सकते हैं। इस कार्रवाई से जोधपुर में अपराध के बढ़ते दबाव पर एक बार फिर प्रभावी चोट पड़ी है और पुलिस की सख्त कार्रवाई का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।

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