राजस्थान

Jaipur की मासूम छात्रा की मौत, 45 मिनट तक मदद मांगने के बावजूद कोई सहायता नहीं

Jaipur में कक्षा 4 की छात्रा अमायरा कुमार मीणा की आत्महत्या की जांच रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि यह हादसा मानसिक उत्पीड़न और अत्यधिक तनाव के कारण हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, यह एक मासूम बच्चे की मौत थी, जिसने लंबे समय तक मानसिक उत्पीड़न और शारीरिक व भावनात्मक तनाव झेला। अमायरा ने कथित उत्पीड़न के बारे में अपनी कक्षा की अध्यापिका से पांच बार बात की और 45 मिनट तक मदद मांगी, लेकिन किसी ने उसे सहायता नहीं दी।

स्कूल में उत्पीड़न और अध्यापिका की लापरवाही

रिपोर्ट में बताया गया है कि छात्रा को 18 महीने तक कुछ सहपाठियों द्वारा परेशान किया गया। घटनास्थल पर मौजूद केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की दो सदस्यीय टीम ने पाया कि कक्षा अध्यापिका पनिता शर्मा ने बार-बार छात्रा और उसके माता-पिता की शिकायतों को नजरअंदाज किया। छात्रा ने इस अवधि में स्कूल में हो रहे उत्पीड़न के बारे में कई बार अपनी मदद मांगी, लेकिन किसी ने उसका समाधान नहीं किया।

आत्महत्या के दिन की घटनाएँ

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि 1 नवंबर को आत्महत्या से कुछ घंटे पहले अमायरा सामान्य और खुश नजर आ रही थी। वह नाच रही थी, चॉकलेट और गोलगप्पे खा रही थी और हँस रही थी। लेकिन सुबह 11 बजे के बाद, डिजिटल स्लेट पर कुछ लिखा जाने के कारण अमायरा परेशान दिखी। कुछ लड़कों ने उस पर अपमानजनक टिप्पणियाँ की, जिससे वह शर्मिंदा और आहत हुई। उसने सहपाठियों से स्लेट पर लिखे गए शब्दों को मिटाने के लिए कहा, लेकिन आवश्यक समय पर अध्यापिका की मदद नहीं मिली।

रिपोर्ट में अध्यापिका की भूमिका और निष्कर्ष

CBSE की रिपोर्ट में कहा गया है कि कक्षा अध्यापिका ने छात्रा की मदद करने के बजाय समस्या को नजरअंदाज किया। पनिता मैम ने कई बार चिल्लाया और ऐसे बयान दिए जिससे पूरी कक्षा हैरान रह गई। छात्रा ने उस दिन अपना भोजन भी नहीं किया। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि क्लास में कुछ गरमागरम बहसें हुईं, और अभिभावकों और CCTV फुटेज के अनुसार, इसमें अपमानजनक भाषा और अपमानजनक टिप्पणियाँ शामिल थीं। यह स्पष्ट है कि अगर समय पर उचित हस्तक्षेप होता, तो इस दुखद घटना को टाला जा सकता था।

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