Ashok Gehlot News: कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में आज हलचल! SIR और मेगा रैली को लेकर बड़ा प्लान तैयार

Ashok Gehlot News: राजस्थान कांग्रेस मुख्यालय में शनिवार, 29 नवंबर को “वोट चोर गद्दी छोड़” अभियान और एसआईआर को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अभियान की रणनीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है। साथ ही, हाल ही में नियुक्त हुए नए जिलाध्यक्षों को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली कांग्रेस की बड़ी रैली की तैयारियों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। बैठक शुरू होने से पहले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में नई टीम ज़मीन स्तर पर बहुत मजबूत तरीके से काम करेगी। गहलोत ने दावा किया कि 14 दिसंबर को दिल्ली में कांग्रेस अपनी ताकत का प्रदर्शन करेगी और “वोट चोर गद्दी छोड़” अभियान को गति मिलेगी।
अशोक गहलोत ने कर्नाटक सरकार में चल रही चर्चाओं और अफवाहों पर भी स्पष्ट प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “डिवोर्स खबर बनता है, दोस्ती नहीं। अगर मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री नाश्ते की मेज पर मिले, यह अच्छी बात है। यह सकारात्मक संकेत है कि सरकार में कोई विवाद नहीं है।” उन्होंने कहा कि मीडिया अक्सर ऐसी चीज़ों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाता है जिनका कोई वास्तविक आधार नहीं होता। गहलोत ने तंज कसते हुए कहा कि प्यार कभी खबर नहीं बनता, लेकिन जरा-सी खटपट हो जाए तो वह सुर्खियों में आ जाती है। उन्होंने साफ कहा कि कर्नाटक सरकार में न कोई मतभेद है और न ही किसी तरह का संकट।

‘अफवाहें कांग्रेस को नुकसान पहुंचाती हैं’ — गहलोत का आरोप
अशोक गहलोत ने आगे कहा कि कांग्रेस के भीतर से लेकर बाहर तक, कई प्रकार की अफवाहें फैलाई जाती हैं, जिनका नुकसान पार्टी को झेलना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकार बनते समय कौन से फैसले हुए, यह कोई नहीं जानता, लेकिन हवाओं में तरह-तरह की बातें उड़ाई जाती हैं। गहलोत ने कहा, “आप राहुल गांधी, खड़गे जी या मुख्यमंत्री-उप मुख्यमंत्री से पूछकर बताइए कि क्या वास्तव में ऐसा कोई फैसला हुआ? जब तक वे लोग खुद न कहें, तब तक इन अफवाहों का कोई मतलब नहीं।” उन्होंने दो टूक कहा कि बिना तथ्य के अफवाहें फैलाना कांग्रेस के लिए हानिकारक है और विपक्ष ऐसे ही भ्रम फैलाने में लगा रहता है।
‘राहुल गांधी के नाम पर फैलाई जाती हैं मनगढ़ंत बातें’
गहलोत ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नाम पर निराधार बातें फैलाना राजनीतिक फैशन बन गया है। उन्होंने कहा कि कभी कहा जाता है कि राहुल गांधी ने अमुक व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाने के लिए भेजा, तो कभी कहा जाता है कि सत्ता साझा करने के लिए ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला तय हुआ। गहलोत ने कहा, “छत्तीसगढ़ में भी ढाई साल की चर्चा का झूठ फैलाया गया, अब यही कर्नाटक में हो रहा है।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस राहुल गांधी और खड़गे की नेतृत्व में एकजुट है और ऐसे झूठे प्रचार से पार्टी का हौसला कम नहीं होगा। गहलोत का संदेश स्पष्ट था — अफवाहों के बीच भी कांग्रेस संगठित है और अपने राजनीतिक अभियानों को मजबूत तरीके से आगे बढ़ाने पर पूरी तरह केंद्रित है।






